सफाई कर्मचारी चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय
स्वच्छता के सिपाही को नमन
नमस्कार साथियों हम सब कर रहे हैं स्वच्छता के सिपाहियों को नमन इसके अंतर्गत आज हम बात कर रहे हैं चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय (भिवानी) के स्वच्छता सिपाही भैरव के साथ खास मुलाकात
नमस्कार जी
भैरव – वास्तविक कार्य कर्मचारी करता है लेकिन इस योजना के बाद लोगों का सहयोग मिलने लगा है अब बड़े बड़े लोग भी सफाई करने में शर्म महसूस नहीं करते है वे फोटो खिंचवाने के बहाने ही सही लेकिन हमे मदद मिल जाती है तो कुछ बदलाव आया है।
प्रश्न – स्वच्छ भारत अभियान के बाद सारे सफाई बंधुओ को अपने पर गर्व महसूस होता है?
गर्व है इस बात का कि हम अपना कार्य पूरी तरह से कर रहे है। शिविर से लेकर कूड़ाघार तक सफाई करते है। किसी भी कार्य की शुरुआत भी हम करते है और अंत भी। इस अभियान से लोगों का हमारे प्रति नजरिया भी बदला है। कुल मिलाकर अच्छी योजना है।
प्रश्न – स्वच्छ भारत अभियान के बाद ये माना जाने लगा है की आप सभी सफाई बंधु देश की बहुत बढ़ी सेवा कर रहे हैं। आप इस बारे में क्या कहना चाहते है?
अगर देखा जाते मुझे लगता है कि जैसे माता– पिता अपने बच्चो की साफ सफाई रखते है उसकी पोट्टी साफ करते है वैसे हि हम भी देश को साफ–सुथरा रखते है तो इस तरह हम देश के माता– पिता के जैसी ही भूमिका निभा रहे है।
प्रश्न –कोरोना काल के बाद सभी सफाई बंधुओ को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा "कोरोना वॉरियर" की उपाधि दी गई। इसके बाद क्या सरकारी संस्थानों में आपका सम्मान बढ़ा है?
देखा जाए तो कार्य तो हम पहले भी कर रहे थे लेकिन अब सरकार ने यह उपाधि दी तो अच्छा लग रहा है। कोरोना काल में मेडिकल में जितना योगदान डॉक्टर का था मेरा मानना है कि एक सफाई कर्मचारी का योगदान उससे ज्यादा था। डॉक्टर थोड़े समय के लिए मरीज से संपर्क बनाता था लेकिन एक सफाई कर्मचारी सारा दिन उसके साथ रहता था। मरीज के कपड़े बदलना, गंदगी साफ करना यह पता होते हुए भी कि वह उस रोगी के संपर्क में आने से खुद भी कोरोना ग्रस्त हो जायेगा यह जानते हुए भी अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा था।
निष्कर्ष –हमने आज बात की हमारी यूनिवर्सिटी के सफाई कर्मचारी भाई भैरव से इनसे बात करके हमे बहुत अच्छा लगा। इनको यूनिवर्सिटी में काम करते हुए 8 साल हो गए है। आज हमने जाना की एक सफाई कर्मचारी का हमारे समाज में कितना महत्व है। इनके द्वारा ही हमारे समाज में सफाई रहती है। समाज से गंदगी दूर करते है। ये खुद को गंदा करके समाज को साफ रखते है। हम इनके महत्व को नहीं समझते है। बचपन में जब हम किसी सफाई वाले को देखते थे तो कहते थे कि पढ़ लो नही तो सफाई का काम करना पड़ेगा लेकिन अब समझ में आया की इनका योगदान समाज में कितना महत्वपूर्ण है।
धन्यवाद



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